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कमर दर्द (Back Pain)  कभी भी किसी को भी हो सकता है। इसके एक नहीं अनेक कारण हैं। वैसे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में कमर दर्द की समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं। कमर दर्द(Back Pain)  की तकलीफ काफी जटिल होती है ये लोगों के रोज के कार्यों को प्रभावित करता है।

अगर ठीक समय पर इस दर्द के कारण को न समझा जाए तो ये बेहद खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसलिए कमर दर्द को कभी भी हल्के में न लें। यदि कमर दर्द लगातार बना रहे तो इसे डॉक्टर से जरूर दिखाएं। हालांकि कुछ कमर दर्द का कारण हम खुद पैदा करते हैं। इसलिए जरूरी है कि कमर दर्द के कारणों को जाना जाएं और उससे बचने के उपाय किए जाएं।

Back Pain symptoms Reason And TreatmentBack Pain  |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें www.desinuskhe.info

  • मांसपेशियों में खिंचाव से भी कमर में दर्द होता है
  • गलत पॉश्चर में बैठना कमर दर्द का कारण बनता है
  • एक्सरसाइज करने से कमर दर्द दूर किया जा सकता है

कमर दर्द (Back Pain)  कभी भी किसी को भी हो सकता है। इसके एक नहीं अनेक कारण हैं। वैसे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में कमर दर्द की समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं। कमर दर्द(Back Pain)  की तकलीफ काफी जटिल होती है ये लोगों के रोज के कार्यों को प्रभावित करता है।

अगर ठीक समय पर इस दर्द के कारण को न समझा जाए तो ये बेहद खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसलिए कमर दर्द को कभी भी हल्के में न लें। यदि कमर दर्द लगातार बना रहे तो इसे डॉक्टर से जरूर दिखाएं। हालांकि कुछ कमर दर्द का कारण हम खुद पैदा करते हैं। इसलिए जरूरी है कि कमर दर्द के कारणों को जाना जाएं और उससे बचने के उपाय किए जाएं।

कमर दर्द के कारण- 

1- किसी वस्तु को गलत तरीके से उठाने से मासपेशियों में खिंचाव आ जाता है।
2- यदि आप अपनी क्षमता से अधिक भारी सामान उठा लें।
3- गलत पॉश्चर में बैठना, चलना या खड़े रहने की आदत।
4- यदि आप पूरे दिन बैठे रहते हों, आपके बिस्तर का गद्दा सही न हो।
5- जरूरत से ज्यादा यदि एक्सरसाइज की जाए या न कि जाए। 
6- बुखार जिसमें रीढ़ की हड्डी पर फर्क पड़े। 
7- प्रेग्नेंसी या फिर सी-सेक्शन होने के कारण।
8- लगातार खड़े रहना या देर तक बैठे रहना।
9- सोते वक्त मोटे तकिये का इस्तेमाल करना।
10- दो या चार पहिया वाहन घंटों चलाना।
11- कमजोर हड्डी या विटामिन डी की कमी।


कमर दर्द के लक्षण –www.desinuskhe.info

1- पीठ या रीढ़ की हड्डी पर सूजन होना।
2- हर वक्त कमर में तेजी से दर्द बने रहना।
3- खड़े होने या बैठने में दर्द होना। 
4- पीठ और कुल्हों के आसपास झनझनाहट या सुन्न पड़ जाना।
5- पैरों व घुटनों तक दर्द बढ़ना।
6- उठने-बैठने में भी परेशानी।

कमर दर्द से बचने के घरेलू उपाय-

1- तेल की मालिश करें। इसके लिए सरसों के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ और अजवाइन डाल कर पका लें। जब ये गुनगुना रहे तभी इसकी हल्के हाथों से मालिश करें। 

2-पीठ के बल लेट जाएं और उबलते पानी में नमक डाल कर उसे हल्का ठंडा होने पर उसमें तौलिया डाल कर निचोड़ लें। अब इस तौलियें को कमर पर दर्द वाली जगह पर रखें। 

3. नमक से करें सेकाई। इसके लिए एक कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डाल कर तब तक भूनें जब तक इसमें से धुंआ न निकल आए। इसके बाद इसे एक कपड़े में बांध कर पोटली बना लें। अब इससे कमर की सिकाई करें। 

4- अजवाइन खाने की आदत डालें। इसके लिए अजवाइन को तवे पर भून लें और इसे गुनगुने पानी के साथ पीएं। ऐसा रोज करें। 

5- यदि आपका देर तक बैठ कर काम करते हैं तो याद रखें हर एक घंटे पर उठ कर थोड़ी देर चल लें। 

6- बहुत अधिक नर्म, गद्देदार या गलीचे वाले गद्दे पर बैठने से पहरहेज करें। सख्त बिस्तर पर सोने की आदत डालें।  जब भी बैठें या सोएं, तो अपनी पीठ को किसी तकिये या बैक रेस्ट से सपोर्ट दें।

7- कमर के लिए की जाने वाले एक्सरसाइज और योग जरूर करें। भुन्ज्गासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन करें। 

8-  कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।

9.- खाने में पौष्टिक आहार लें। हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट, दूध व दही लें जंक फूड, तैलीय खाना, चीनी का सेवन न करें।

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